यह कहानी Patthar Mein Bhi Chingari के बारे में है जो की एक Motivational Story है जिसे RealFakeStory ने अपनी भाषा में लिखा है । आप Patthar Mein Bhi Chingari कहानी पढ़े और कमेंट कर के बताये की आपको यह कहानी कैसी लगी ।

Patthar Mein Bhi Chingari Motivational Story
एक बार की बात है, एक घने जंगल में एक छोटा सा गांव था। उस गांव में रामू नाम का एक लड़का रहता था। रामू बहुत गरीब था। उसके माता-पिता का देहांत हो चुका था और वह अपनी दादी के साथ रहता था। रामू की दादी बहुत बूढ़ी थीं और वह काम नहीं कर सकती थीं। रामू ही घर का सारा काम करता था।
एक दिन, रामू जंगल में लकड़ी इकट्ठा कर रहा था, जब उसकी नज़र एक बूढ़े आदमी पर पड़ी। वह जमीन पर बैठा था, उसके सिर झुके हुए थे और उसके चेहरे पर आँसू थे। रामू उसके पास गया और धीरे से पूछा, “दादाजी, क्या हुआ? आप इतने दुखी क्यों लग रहे हैं?”
वृद्ध ने कहा, “मेरा लड़का बीमार है। उसे दवाई की ज़रूरत है, मगर मेरे पास पैसे नहीं हैं
रामू को बूढ़े आदमी पर बहुत दया आई। उसने अपनी जेब से सारे पैसे निकालकर बूढ़े आदमी को दे दिए।
बूढ़े आदमी ने रामू को आशीर्वाद दिया और कहा, “तुम्हारे दिल में बहुत दया है। भगवान तुम्हें हमेशा खुश रखेगा।”
रामू घर लौट आया। उसकी दादी ने पूछा, “बेटा, तुमने सारे पैसे कहां खर्च कर दिए?”
रामू ने सारी बात दादी को बता दी। दादी ने कहा, “तुमने बहुत अच्छा काम किया है। भगवान तुम्हारे साथ रहेगा।”
अगले दिन, रामू जंगल में फिर से लकड़ी इकट्ठा करने गया। अचानक, उसने देखा कि एक खूबसूरत परी उसके सामने खड़ी है।
परी ने कहा, “रामू, तुम्हारे दिल में बहुत दया है। इसलिए मैं तुम्हें एक वरदान देना चाहती हूं।”
रामू ने आँखों में आंसू लिए परी से गुहार लगाई, “हे दयावती परी, मेरी दादी को हमेशा स्वस्थ रखो, मैं आपके चरणों में प्रणाम करता हूँ।”
परी ने कहा, “तुम्हारी इच्छा पूरी हो गई है।”
रामू बहुत खुश हुआ। उसने परी को धन्यवाद दिया और घर लौट आया।
घर आकर रामू ने अपनी दादी को सारी बात बता दी। दादी ने कहा, “बेटा, तुम सचमुच एक देवदूत हो।”
कुछ दिनों बाद, रामू की दादी बीमार हो गईं। रामू बहुत घबरा गया। उसने सोचा कि अब क्या होगा।
अचानक, रामू को याद आया कि परी ने उसे वरदान दिया था। उसने दादी के हाथ पकड़े और कहा, “दादी, आप जल्दी ठीक हो जाइएंगी।”
जैसे ही रामू ने यह कहा, दादी की बीमारी गायब हो गई। दादी पूरी तरह से ठीक हो गईं।
रामू और उसकी दादी बहुत खुश हुए। उन्होंने परी का शुक्रिया अदा किया।
इस घटना के बाद, रामू को गांव के लोग “पत्थर में भी चिंगारी” कहने लगे। इसका मतलब था कि रामू में बहुत दया और करुणा थी।
शिक्षा:
दया और करुणा जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हैं।
दूसरों की मदद करने से हमें हमेशा खुशी मिलती है।
अच्छे कर्मों का प्रतिफल अवश्य मिलता है, धैर्य रखिए फल ज़रूर लगेगा।
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उम्मीद है आपको Patthar Mein Bhi Chingari Motivational Story कहानी पसंद आया होगा। इसी तरह के अन्य कहानी पढ़ने के लिए बने रहिए Real Fake Story के साथ ।
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