यह कहानी हारने वालों की रेखा (Haarane Vaalon Kee Rekha) के बारे में है जो की एक Motivational Story है जिसे RealFakeStory ने अपनी भाषा में लिखा है । Haarane Vaalon Kee Rekha कहानी पढ़े और कमेंट कर के बताये की आपको यह कहानी कैसी लगी ।

Haarane Vaalon Kee Rekha Motivational Story
एक गाँव था, जहाँ दो लकीरें खींची गयी थीं। एक लकीर “जीतने वालों की रेखा” कहलाती थी और दूसरी “हारने वालों की रेखा”।
गाँव के लोगो का मानना था कि जो “जीतने वालों की रेखा” को पार कर लेता है, वो ज़िन्दगी में सफल हो जाता है, और जो “हारने वालों की रेखा” को पार कर लेता है, वो ज़िन्दगी में असफल हो जाता है।
एक युवक, राहुल, गाँव में रहता था। वो “हारने वालों की रेखा” के पास रहता था। राहुल हमेशा सपने देखता था कि वो “जीतने वालों की रेखा” को पार करेगा और सफल होगा।
एक दिन, राहुल ने “जीतने वालों की रेखा” को पार करने का फैसला किया। गाँव के लोगो ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन राहुल नहीं माना।
जैसे ही राहुल “जीतने वालों की रेखा” के करीब पहुंचा, उसे एक डरावनी आवाज़ सुनाई दी। आवाज़ ने कहा, “तुम कभी भी सफल नहीं हो सकते। तुम हमेशा हारने वालों की रेखा के पार ही रहोगे।”
राहुल डर गया। वो पीछे हटने लगा।
लेकिन तभी, राहुल को अपने पिता की याद आई। उसके पिता ने हमेशा उससे कहा था कि “हार मत मानो। हमेशा कोशिश करते रहो।”
राहुल ने हिम्मत जुटाई और फिर से “जीतने वालों की रेखा” की ओर बढ़ने लगा।
इस बार, डरावनी आवाज़ नहीं आई।
राहुल ने “जीतने वालों की रेखा” को पार कर लिया।
गाँव के लोग आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने राहुल को “जीतने वाला” घोषित कर दिया।
राहुल ने गाँव के लोगो को समझाया कि “जीतने वालों की रेखा” और “हारने वालों की रेखा” सिर्फ़ उनकी कल्पना है। असल में, सफलता और असफलता मन की स्थिति है।
जो हार नहीं मानता और कोशिश करता रहता है, वो ज़िन्दगी में सफल हो जाता है।
राहुल की कहानी गाँव के लोगो के लिए प्रेरणा बन गयी।
उन्होंने “जीतने वालों की रेखा” और “हारने वालों की रेखा” को मिटा दिया।
अब, गाँव में सिर्फ़ एक ही लकीर थी, जिसे “जीवन रेखा” कहा जाता था।
और सभी लोग खुशी-खुशी उस रेखा पर चलने लगे।
उम्मीद है आपको Haarane Vaalon Kee Rekha Motivational Story कहानी पसंद आया होगा। इसी तरह के अन्य कहानी पढ़ने के लिए बने रहिए Real Fake Story के साथ ।
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